Sunday, November 23, 2008

आर्ट ऑफ लिविंग को आतंकवाद से जोड़ना सोची-समझी साजिश

आर्ट ऑफ लिविंग को आतंकवाद से जोड़ना सोची-समझी साजिश है। यह सब राजनैतिक लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। श्रीश्री रविशंकर ने सेक्टर-32 में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग विश्व में शांति का संदेश देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दर्शन लाइन के दौरान शिविर में आने वाले लोगों का कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता है। ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहित कब शिविर में आए, कब उनसे मिले, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यह कहना सरासर गलत है कि कर्नल ने मालेगांव धमाकों की सारी योजना उन्हें बताई थी। मानसिक तनाव दूर करने के उपाय जानने उनके पास कई सैन्य अधिकारी आते हैं। उन पर कैसे शक किया जा सकता है। कर्नल पुरोहित के बारे में कोई भी जानकारी उनके पास होती, तो वह उससे बात कर हिंसा का पथ त्यागने की शिक्षा देते। इसके लिए वह किसी भी जांच से गुजरने को तैयार हैं। जांच में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से जेल में आतंकवादियों व श्रीलंका में माओवादियों को सुदर्शन क्रिया करवाई जा रही है। उनमें लिट्टे से लेकर हिजबुल मुजाहिदीन तक के आतंकी शामिल होते हैं। उन्हें सही राह अपनाने को योग की शरण में आने के लिए प्रेरित किया जाता है, लेकिन यह कहना सरासर गलत है कि आर्ट ऑफ लिविंग आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। वह तो आतंकवाद से जुड़े लोगों को खुला निमंत्रण देते हैं कि वह उनके शिविर में आएं व अपनी मानसिकता बदलें। किसी को फासी चढ़ाने से आतंकवाद जैसी समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। चाहे वह अफजल गुरु ही क्यों न हो। साधु समाज की आड़ में अगर कोई आतंक को बढ़ावा दे रहा है, तो यह बहुत ही निंदनीय है।पंचमढ़ी में 16 से 18 अक्तूबर तक कर्नल पुरोहित द्वारा लगाए गए बच्चों के शिविर में आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक जिगीस सुदर्शन क्रिया व प्राणायाम करवाने गए थे। शिविर में रोजाना सुबह छह से सात बजे तक एक घंटे पचास बच्चों को सुदर्शन क्रिया करवाई जाती थी। शिविर किस उद्देश्य से चलाया जा रहा था, उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। जिगीस ने कहा कि वह छतीसगढ़ में थे व उन्हें कहा गया कि बच्चों में देशभक्ति की भावना को जागृत करने के लिए शिविर लगाया गया है। उसमें जाकर अध्यात्मिक शिक्षा देनी है। इस दौरान वह कर्नल पुरोहित से एक बार मिले, लेकिन ऐसा कभी नहीं लगा कि वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं।

1 comment:

Suresh Chandra Gupta said...

यह हो क्या रहा है? क्या कांग्रेस और उसकी सरकार पागल हो गई है? अब तो आगे यह होगा कि अगर पुरोहित ने किसी से स्वप्न में भी बात की तो एटीएस उस पर भी आरोप लगा देगी.